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बिहार में स्वास्थ्य सेवा की हालत

बिहार की समस्या · ब्लॉग 05
बिहार में अगर आप गरीब हैं और बीमार पड़ जाते हैं, तो दो ही रास्ते हैं — सरकारी अस्पताल जाओ जहां दवाई नहीं मिलती, या प्राइवेट जाओ जहां पैसे नहीं हैं। दोनों तरफ से तकलीफ।

बिहार में स्वास्थ्य सेवा की हालत देश में सबसे खराब राज्यों में है। अस्पताल की इमारतें खड़ी हैं — लेकिन डॉक्टर नहीं, दवाई नहीं, जांच की मशीनें नहीं।

📊 स्वास्थ्य की हकीकत

🏥 बिहार में hospital beds की संख्या राष्ट्रीय औसत से बहुत कम है।

👶 शिशु मृत्यु दर बिहार में राष्ट्रीय औसत से ज़्यादा है।

💊 जन औषधि केंद्र में 50-90% सस्ती दवाइयां मिलती हैं — पर ज़्यादातर को पता ही नहीं।

🩺 आयुष्मान भारत कार्ड से ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज मिल सकता है।

डॉक्टर क्यों नहीं जाते गांव में?

सरकारी नौकरी पाने के बाद डॉक्टर शहर में रहना चाहते हैं। ग्रामीण posting मिले तो जुगाड़ लगाकर transfer करवा लेते हैं। नतीजा — पूर्णिया, अररिया, किशनगंज जैसे ज़िलों के अस्पतालों में डॉक्टर नहीं मिलते।

" मेरी माँ को बुखार था। सरकारी अस्पताल गए। डॉक्टर साहब ने देखा और बोले — "यहां सुविधा नहीं है, पटना जाओ।" पटना कैसे जाएं? किराया कहां से आएगा? आखिर में पड़ोस के झोलाछाप डॉक्टर के पास गए — ₹800 लिए और तीन दिन में माँ ठीक हो गईं। — पूर्णिया की एक महिला की बात

✅ आप अभी यह कर सकते हैं

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🚨 शिकायत: बिहार स्वास्थ्य helpline: 1800-3456-616

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